कुर्रा पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप, आत्मदाह और फांसी लगाने की चेतावनी से मचा हड़कंप

मैनपुरी। जमीनी विवाद में हुई मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई से नाराज एक पक्ष ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। कुर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम विनायकपुर निवासी पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है और पुलिस उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान एक महिला दीवार पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास करने लगी, जबकि एक युवती ने अपने शरीर पर लगी चोटें दिखाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी। मौके पर मौजूद पुलिस ने समय रहते सभी को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम विनायकपुर निवासी बलराम पुत्र सतीश कुमार और गिरजेश पुत्र श्रीकृष्ण के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि 30 जुलाई की शाम करीब छह बजे विवादित खेत की जुताई को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई, जिसमें दोनों पक्षों के लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची कुर्रा पुलिस ने घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया।

बलराम की तहरीर पर पुलिस ने गिरजेश, सीटू, नीटू और पीतम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित पक्ष नाराज है। सोमवार को बलराम, घायल युवती प्रेमसखी, कुसुमा देवी, रेनू और विशेष पेट्रोल की बोतल लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान रेनू दीवार पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास करने लगी, जबकि प्रेमसखी ने अपने शरीर पर लगी चोटें दिखाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर महिला को सुरक्षित नीचे उतारा और पेट्रोल की बोतल भी अपने कब्जे में ले ली। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी फतेह बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को समझाकर शांत कराया।

कुर्रा पुलिस पर गंभीर आरोप

पीड़ित बलराम का आरोप है कि विवादित खेत पर न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन होने के बावजूद संतराम भदौरिया, ध्रुव भदौरिया, गिरजेश और सीटू खेत की जुताई करा रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके और उसके परिजनों पर धारदार हथियारों से हमला किया तथा जातिसूचक गालियां दीं। बलराम का यह भी आरोप है कि कुर्रा थाना प्रभारी संतराम भदौरिया और ध्रुव भदौरिया को बचाने का प्रयास कर रहे हैं और उनके खिलाफ मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।

हंगामे के बाद पीड़ित पक्ष की एसपी से मुलाकात कराई गई। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए सीओ करहल को पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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