
मैनपुरी। एक शिक्षिका ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति ने धोखाधड़ी कर उसके नाम पर करीब 10 लाख रुपये का लोन ले लिया, फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक संबंधी दस्तावेज तैयार किए और बाद में मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। इतना ही नहीं, पीड़िता का यह भी आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसके तीन माह के मासूम बच्चे को भी उससे अलग कर दिया है।
पीड़िता रिषिका राजपूत ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2024 में आशीष कुमार निवासी ग्राम रूपपुर थाना कोतवाली मैनपुरी के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति दहेज़ में कार की मांग करने लगे और जिसके लिए उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उसका कहना है कि पति ने विश्वास में लेकर संपत्ति उसके नाम कराने का झांसा दिया, लेकिन इसी दौरान फर्जी हस्ताक्षर कर उसके नाम पर बैंक से 18 लाख रुपये का लोन निकाल लिया। पीड़िता के अनुसार, उसे इस वित्तीय लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी।
रिषिका राजपूत ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष लंबे समय से उसे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। उसके बैंक एटीएम का भी दुरुपयोग किया गया। जब उसे इस बारे में जानकारी हुई तो उसने तत्काल एटीएम ब्लॉक करा दिया। इसके बाद प्रताड़ना और बढ़ गई। पीड़िता का कहना है कि उसे बार-बार धमकाया जाता था कि यदि वह अपनी कमाई या पैसे अपनी मर्जी से खर्च करना चाहती है, तो उसे घर छोड़ना होगा।
पीड़िता के अनुसार, 16 मई को उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इस दौरान उसके कान में गंभीर चोट आई। उसने आरोप लगाया कि पति के रिश्तेदारों और अन्य लोगों ने उसके माता-पिता के साथ भी अभद्रता और मारपीट की। मारपीट के बाद उसे घर से निकाल दिया गया, जबकि उसका तीन महीने का बच्चा ससुराल पक्ष ने अपने पास रख लिया।
पीड़िता ने बताया कि न्याय पाने के लिए उसने कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसके अनुसार, वह चार बार पुलिस अधीक्षक कार्यालय जा चुकी है, महिला थाने में लगभग दस बार शिकायत कर चुकी है और जनसुनवाई पोर्टल पर भी 10 से 12 शिकायतें दर्ज करा चुकी है। इसके अलावा मानवाधिकार आयोग में भी दो शिकायतें की गई हैं।
पीड़िता का कहना है कि महिला थाना काउंसलिंग सेंटर और मध्यस्थता केंद्र से उसके पति को कई नोटिस भेजे गए, लेकिन वह किसी भी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। फिलहाल उसका पति 16 मई से लापता बताया जा रहा है।
रिषिका राजपूत ने प्रशासन से अपने बच्चे की सुरक्षित वापसी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उसने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर शीघ्र न्याय दिलाने की अपील की है।
