बेवर। मैनपुरी


बेवर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्के की पैदावार होने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। गल्ला मंडी में मक्के की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्रों पर खरीद शुरू न होने से किसानों को मजबूरी में अपनी फसल कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है।

राज्य सरकार ने खरीफ मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2400 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया है। मक्के की सरकारी खरीद 15 जून से 31 जुलाई तक की जानी है और जनपद में 25 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि खरीद शुरू हुए छह दिन बीत जाने के बाद भी बेवर विकासखंड सहित जिले के सभी नौ खरीद केंद्रों पर खरीद शून्य बनी हुई है।

सरकारी खरीद न होने के कारण किसान अपनी फसल आढ़तियों को 1900 से 1970 रुपये प्रति कुंतल के भाव पर बेचने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें प्रति कुंतल भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मैनपुरी जनपद मक्का उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। आलू की फसल में भारी नुकसान झेलने के बाद किसानों को मक्के से कुछ उम्मीद थी, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते उन्हें अब भी लाभ नहीं मिल रहा।

जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश त्रिपाठी ने बताया कि शुरुआती दिनों में मंडियों में आने वाली मक्का में नमी अधिक होने के कारण खरीद शुरू नहीं की गई। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

वहीं किसानों का कहना है कि सरकारी घोषणाओं के बावजूद खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं प्रभावी नहीं हैं। किसानों ने प्रशासन से खरीद केंद्रों पर सख्ती बढ़ाने और जल्द खरीद शुरू कराने की मांग की है, ताकि उन्हें सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

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