
मैनपुरी। भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जनशक्ति) के बैनर तले सोमवार को किसानों, महिलाओं और गरीब वर्ग से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के जिला अध्यक्ष अतुल कुमार यादव ने किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना-प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी कार्यालय में एडीएम न्यायिक को सौंपा। ज्ञापन में किसानों और आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया तथा शीघ्र समाधान की मांग की गई।

संगठन की प्रमुख मांगों में देशभर के किसानों का कृषि ऋण माफ करना, किसानों, गरीबों एवं महिलाओं को मासिक पेंशन उपलब्ध कराना, किसानों के बकाया बिजली बिल माफ करना और प्रदेश में मुफ्त बिजली व्यवस्था लागू करना शामिल रहा। इसके अलावा स्मार्ट मीटर हटाने, किसानों को बीज, खाद और सिंचाई के लिए निःशुल्क पानी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में आशा, आंगनबाड़ी, संगिनी और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। संगठन का कहना है कि इन वर्गों की लंबे समय से उपेक्षा हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अध्यक्ष अतुल कुमार यादव ने कहा कि सरकार को किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीब वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश क्रांतिकारी समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
