संकिसा। विक्रमशिला फाउंडेशन भारत के तत्वावधान में प्रस्तावित महायान बुद्धिस्ट स्टडी सेंटर के निर्माण कार्य की शुरुआत शुक्रवार को विधिवत भूमि पूजन के साथ की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान, लखनऊ के प्रोफेसर पूज्य भंते डॉ. उपनंद जी ने भूमि पूजन संपन्न कराया। लंबे समय से प्रस्तावित इस शिक्षण संस्थान के निर्माण की दिशा में अब औपचारिक रूप से कार्य आरंभ हो गया है।

इस अवसर पर विक्रमशिला फाउंडेशन के वरिष्ठ निदेशक लामा थूकतन ग्याछो जी, प्रोजेक्ट इंचार्ज लामा योगजीत, लामा कालसंग येशे, लामा थप्से सहित फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लामा योगजीत ने कहा कि प्राचीन काल में संकिसा बौद्ध धर्म, विशेषकर अभिधम्म अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र रहा है। वर्तमान समय में भारत में बौद्ध दर्शन और अभिधम्म के विद्वानों की कमी महसूस की जा रही है। प्रस्तावित अध्ययन केंद्र इस कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


उन्होंने आगे कहा कि प्राचीन समय में श्रीलंका, बर्मा, थाईलैंड, चीन, कोरिया और मंगोलिया जैसे देशों से विद्यार्थी नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों में बौद्ध शिक्षा प्राप्त करने भारत आते थे। इसी गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से यह केंद्र स्थापित किया जा रहा है।

लामा योगजीत ने यह भी कहा कि आज विश्व युद्ध और हिंसा जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत को भगवान बुद्ध की करुणा, मैत्री और भाईचारे की शिक्षाओं का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। भारत के पास शांति और मानवता का संदेश विश्व तक पहुंचाने की समृद्ध बौद्ध विरासत मौजूद है।

मुख्य अतिथि पूज्य भंते डॉ. उपनंद जी ने कहा कि यह केंद्र विश्व का एक अनोखा बौद्ध अध्ययन केंद्र होगा, जहां नालंदा परंपरा के अनुरूप पाली और संस्कृत भाषाओं में बौद्ध धर्म का अध्ययन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में यह बौद्ध जगत के लिए एक नई पहल होगी और यहां से भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को मूल स्वरूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित केंद्र में पुस्तकालय, ध्यान-साधना भवन, भिक्षु-भिक्षुणियों तथा उपासक-उपासिकाओं के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उच्च शिक्षा और शोध की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। देश-विदेश के विद्वानों और विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही संकिसा में गुरु पद्मसंभव की प्रतिमा स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित है।

वाईबीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र बौद्ध ने कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के विकास के लिए एक मॉडल साबित होगा। देश-विदेश से विद्यार्थियों के आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। किसानों को भी लाभ मिलेगा तथा दूध, सब्जी और अन्य स्थानीय उत्पादों की खपत संस्थान में होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि संकिसा भविष्य में देशी-विदेशी बौद्ध पर्यटकों के साथ-साथ एजुकेशन टूरिज्म का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है।

कार्यक्रम में लामा योगजीत, लामा कालसंग येशे, प्रबंधक अतेंद्र शाक्य, आशेंद्र शाक्य, आलोक दीप, रोशन यादव, श्रीमती रेखा, राकेश चंद्र बोस, रामवीर सिंह, गौरव कुमार, भिक्षु प्रियानंद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत फाउंडेशन के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।

महायान बुद्धिस्ट स्टडी सेंटर के निर्माण की शुरुआत को संकिसा की प्राचीन बौद्ध विरासत को आधुनिक शिक्षा, शोध और वैश्विक बौद्ध अध्ययन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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