भोगांव (मैनपुरी)। कस्बा भोगांव स्थित महामाया एकेडमी में विजयधम्म दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके धम्म परिवर्तन और भगवान बुद्ध के शांति, करुणा एवं अहिंसा के संदेश पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने लोगों से बुद्ध के विचारों को अपनाकर समाज में प्रेम, समानता और भाईचारा स्थापित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आलोक सिंह शाक्य ने कहा कि कलिंग युद्ध में हुए भीषण नरसंहार और जनहानि ने सम्राट अशोक के जीवन की दिशा बदल दी थी। युद्ध की विभीषिका से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का मार्ग त्याग दिया और भगवान बुद्ध के बताए शांति, करुणा तथा अहिंसा के मार्ग को अपनाया।

उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक ने भगवान बुद्ध के विचारों और बौद्ध धम्म के प्रचार-प्रसार के लिए अपने दूतों को विभिन्न देशों में भेजा। उनके प्रयासों से बौद्ध धम्म का संदेश दूर-दूर तक पहुंचा। विजयधम्म दिवस हमें हिंसा के स्थान पर शांति, द्वेष के स्थान पर प्रेम और वैमनस्य के स्थान पर भाईचारे को अपनाने की प्रेरणा देता है।

डॉ. शाक्य ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी समाज में समानता, सद्भाव और मानवता को मजबूत करने के लिए प्रासंगिक हैं। उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर एक शांतिपूर्ण और समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है।

इस अवसर पर एडवोकेट श्याम सिंह शाक्य, एडवोकेट भुवनेश शाक्य, ज्ञानेंद्र शाक्य, टाटा शाक्य, ईश्वर दयाल बौद्ध, बॉबी शाक्य, महेश बौद्ध, लज्जाराम शाक्य, अभय शाक्य, ब्रजेश शाक्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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