मैनपुरी। परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के भुगतान को लेकर समस्या सामने आई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक नियुक्त किए जाने के बावजूद कुछ ग्राम प्रधान मिड डे मील के चेक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। इसके चलते विद्यालयों में भोजन व्यवस्था के लिए धनराशि उपलब्ध होने में दिक्कत आ रही है और योजना के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मामले को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष राजीव यादव के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित भुगतान किया जाता है। प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक इसलिए नियुक्त किया गया है, ताकि सरकारी योजनाओं का संचालन बाधित न हो। इसके बावजूद कुछ प्रशासकों द्वारा मिड डे मील के चेक पर हस्ताक्षर न किए जाने से भुगतान अटक रहा है।
जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने कहा कि प्रशासक बनाए जाने का उद्देश्य ही यह है कि पहले से संचालित सरकारी योजनाएं प्रभावित न हों। वहीं जिला मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नए वित्तीय कार्यों पर भले ही प्रतिबंध हो, लेकिन पहले से संचालित योजनाओं को जारी रखने के लिए व्यवस्था की गई है। उन्होंने बीएसए से तत्काल समाधान की मांग की।
जिला संरक्षक सत्यवीर सिंह ने कहा कि यदि मिड डे मील के चेक पर हस्ताक्षर करने में कोई कानूनी अड़चन है तो विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि बच्चों को मिलने वाला मध्यान्ह भोजन किसी भी स्थिति में बाधित न हो।

बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराने तथा जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में कौशल गुप्ता, जितेंद्र कुमार, दीप कुमार राजपूत, योगेंद्र राजपूत, सर्वज्ञ दुबे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
