मैनपुरी दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया तो मैनपुरी के सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़क पर आ गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ता ईसन नदी पुल पर पहुंच गए। जहां प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया और धरना दिया गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अखिलेश की गिरफ्तारी के विरोध में कस्बा कार्यालय में भी प्रदर्शन हुआ।

दिल्ली में मंगलवार की शाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया तो सपा कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर जमा हो गए। कुछ ही देर में पार्टी कार्यालय पर अखिलेश की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी शुरू हो गई। धरना प्रदर्शन में सपा के जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार छात्रों पर लाठी चार्ज करने के बाद राजनीतिक दलों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से घबरा गई है। इसलिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिरासत में लिया गया। सरकार का यह कदम हिटलरशाही है। सपा के लोग इसका पुरजोर विरोध करेंगे। दर्जनों कार्यकर्ता शहर के ईसन नदी पुल पर पहुंच गए और वहां प्रधानमंत्री के पुतले को जलाया। जमकर नारेबाजी की गई। यहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।

गुस्साए कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य के नेतृत्व सपाई पैदल नारेबाजी करते हुए ईशन नदी पुल पर पहुंचे। सपाईयों ने केंद्र सरकार मुर्दाबाद, अखिलेश भैया जिंदाबाद के जमकर नारे लगाए। इस दौरान किशनी विधायक बृजेश कठेरिया, सतीश यादव, महिला सभा की जिलाध्यक्ष ज्योति मैसी, डीपी यादव आदि मौजूद रहे।

