
मैनपुरी। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सोमवार को किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष मुकुट सिंह यादव के नेतृत्व में किसान सभा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 8 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद एसडीएम ध्रुव शुक्ला को सौंपा और किसानों की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान सभा के प्रदेश सचिव राधेश्याम यादव ने कहा कि प्रदेश के किसान लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को किसानों के हित में ठोस और प्रभावी निर्णय लेने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऋण सीमा किसानों की भूमि के वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित की जाए, ताकि किसानों को पर्याप्त वित्तीय सहायता मिल सके। इसके अलावा सभी बैंकों का किसानों पर बकाया कृषि ऋण पूर्ण रूप से माफ किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह की जाए, जिससे किसानों को खेती और परिवार के खर्चों में राहत मिल सके। किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
किसान सभा ने मक्का और मूंगफली की खरीद के लिए जनपद मैनपुरी में कम से कम 10 सरकारी खरीद केंद्र (कांटे) स्थापित करने की मांग की। साथ ही सभी कृषि उपज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित करने तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर एमएसपी लागू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10,000 रुपये प्रतिमाह किसान पेंशन दिए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल रही।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो किसान सभा प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान भंवर सिंह, महावीर सिंह, राजपाल यादव, मनीराम, जगबीर सिंह, प्रेमचंद, राजपाल सहित किसान सभा के एक दर्जन से अधिक पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
