मैनपुरी। तहसील भोगांव क्षेत्र के ग्राम देवीदासपुर में लगभग 100 वर्ष पुरानी सार्वजनिक गली पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव निवासी भगवान श्री के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को शिकायती पत्र सौंपकर बंद रास्ते को तत्काल खुलवाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।

शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की वर्षों पुरानी सार्वजनिक गली, जिसका उपयोग लंबे समय से ग्रामीण आवागमन के लिए करते आ रहे हैं, उस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि गली में दीवार खड़ी कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

शिकायतकर्ता भगवान श्री ने बताया कि यह रास्ता गांव के लोगों के लिए लंबे समय से उपयोग में रहा है और करीब 100 वर्षों से सार्वजनिक मार्ग के रूप में जाना जाता है। इसके बावजूद कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के चलते इस पर कब्जा कर लिया, जिससे पूरे गांव में असंतोष का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी थाना एलाऊ में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इसके बावजूद आरोपित न तो रास्ता खोलने को तैयार हैं और न ही प्रशासनिक कार्रवाई का कोई असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी ग्रामीण रास्ता खुलवाने या कब्जे का विरोध करते हैं, तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं। इससे शिकायतकर्ता और उनके परिवार के साथ-साथ अन्य ग्रामीण भी भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, राजस्व विभाग से सार्वजनिक मार्ग का सत्यापन कराया जाए तथा यदि अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाकर गली को पूर्व की स्थिति में बहाल कराया जाए। साथ ही कब्जाधारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की पुनरावृत्ति न हो।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि रास्ता जल्द नहीं खुलवाया गया तो गांव में तनाव की स्थिति और बढ़ सकती है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे गांव के हितों से जुड़ा विषय है, इसलिए प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान राजपाल, रामविलास, वीरपाल, देवदत्त, श्रीपाल, भगवान श्री, रीनू सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी तथा किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

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