मैनपुरी। किशनी विकासखंड की लगभग आधा सैकड़ा आशा बहुओं ने मंगलवार को चार माह से लंबित मानदेय के भुगतान और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। रेनू चौहान के नेतृत्व में आशा बहुओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द बकाया मानदेय जारी कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में आशा बहुओं ने बताया कि पिछले चार माह से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं मिला है। इससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अधिकांश आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित आय के सहारे परिवार का भरण-पोषण करती हैं। लगातार चार माह तक भुगतान न मिलने से घर का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

आशा बहुओं ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत बरिहा, रामनगर, ऊंचा इस्लामाबाद और सिंगनी क्षेत्र में कार्यरत कुछ आशा संगिनियां मानदेय जारी कराने के नाम पर आधी धनराशि की मांग करती हैं। उनका कहना है कि जिन आशा बहुओं ने कथित रूप से पैसा दिया, उनके खातों में मानदेय भेज दिया गया, जबकि भुगतान देने से इनकार करने वाली आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया।

प्रदर्शन कर रही आशा बहुओं का आरोप है कि संबंधित आशा संगिनियां एएनएम और बीसीपीएम का नाम लेकर धनराशि मांगती हैं। हालांकि, उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों ने कभी भी उनसे किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की। ऐसे में उन्हें संदेह है कि कुछ लोग अधिकारियों का नाम लेकर अवैध वसूली का प्रयास कर रहे हैं।

आशा बहुओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी संगिनियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी पात्र आशा बहुओं का चार माह से लंबित मानदेय बिना किसी भेदभाव के तत्काल उनके खातों में भेजा जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में मानदेय वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी भी आशा कार्यकर्ता को भुगतान के लिए किसी प्रकार के दबाव या अवैध मांग का सामना न करना पड़े।

ज्ञापन सौंपने के दौरान पुष्पा देवी, रूबी देवी, सुनीता देवी, सुखदेवी, दुर्गावती, लक्ष्मी, मनोज कुमारी, नीति, ज्योति, गंगाश्री, बिट्टी देवी, सीमा देवी, कुशमा देवी, संगीता देवी, सरोज देवी, आशा देवी, कुसुमलता, मंजू, राजेंद्र देवी सहित लगभग आधा सैकड़ा आशा बहुएं मौजूद रहीं। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनका बकाया मानदेय जारी नहीं किया गया और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगी।

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