मैनपुरी। रविवार को कचहरी रोड स्थित रज्जो देवी कबीर आश्रम में सत्संग का आयोजन आश्रम के महंत अमर साहेब की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सत्संग में बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान अमर साहेब ने निष्काम कर्म, निस्वार्थ सेवा, अच्छे विचारों और इच्छाओं पर नियंत्रण रखने का महत्व बताया।
अमर साहेब ने कहा कि कर्तव्य रूपी वृक्ष पर अधिकार रूपी फल लगते हैं। निष्काम कर्म वह है, जिसे करने के बाद व्यक्ति फल की इच्छा नहीं रखता और न ही अपने कर्म का अहंकार करता है। निष्काम कर्म का ज्ञान ही मनुष्य को सच्चे सुख और शांति की ओर ले जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति का विधान है कि मनुष्य को अपने कर्मों के अनुसार ही परिणाम प्राप्त होते हैं। अच्छे विचारों से अच्छे कर्म उत्पन्न होते हैं और अच्छे कर्मों से अच्छे संस्कारों की पूंजी तैयार होती है। यदि हम अपना जीवन सुंदर बनाना चाहते हैं तो हमें निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करनी चाहिए। दीन-दुखियों की सहायता और दूसरों के प्रति प्रेम का भाव रखने से जीवन में सुख-शांति आती है।
अमर साहेब ने कहा कि यदि हम चाहते हैं कि दूसरे लोग हमसे प्रेम करें और हमारा सम्मान करें, तो सबसे पहले हमें दूसरों से निस्वार्थ प्रेम करना और उनका सम्मान करना सीखना होगा। यह प्रकृति का स्वाभाविक नियम है कि जैसा बीज बोया जाता है, वैसा ही फल मिलता है। खेत में बबूल का बीज बोकर आम के फल की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसी प्रकार गलत कर्म करके अच्छे परिणाम की आशा करना व्यर्थ है।
उन्होंने कहा कि अपने कल्याण और शांतिपूर्ण जीवन के लिए मनुष्य स्वयं साधक भी है और बाधक भी। इसलिए उसे अपनी इच्छाओं, वासनाओं और अहंकार के पीछे भागने के बजाय मन को संयमित रखना चाहिए। मनुष्य की अनेक चिंताओं और दुखों का कारण उसकी असीमित इच्छाएं हैं। दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं, जिसकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हों। आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ संतोष करना सीखना चाहिए, अन्यथा अनियंत्रित इच्छाएं जीवन को चिंता और दुखों में उलझा देती हैं।
सद्गुरु के संदेश का उल्लेख करते हुए अमर साहेब ने कहा कि जिसकी चाहनाएं समाप्त हो जाती हैं, उसकी चिंताएं भी कम हो जाती हैं और उसका मन निर्मल होने लगता है। इच्छाओं से मुक्त होकर निष्काम भाव से जीवन जीना ही सच्ची स्वतंत्रता और आंतरिक शांति का मार्ग है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सेवा, प्रेम, सदाचार और संतोष को जीवन में अपनाने का आह्वान किया

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *