मैनपुरी। चक्रवर्ती सम्राट अशोक सेना भारत का तृतीय स्थापना दिवस गुरुवार को ज्योति तिराहा स्थित महिमा मैरिज होम में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुशवाहा के नेतृत्व में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण, दीप प्रज्वलन तथा चक्रवर्ती सम्राट अशोक के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली उच्च न्यायालय की अधिवक्ता एवं निर्भया कांड की पैरोकार एडवोकेट सीमा समृद्धि कुशवाहा ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए बेटियों और बेटों को समान रूप से शिक्षा देना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने, अन्याय का डटकर विरोध करने तथा सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक ने सदैव मानवता, शांति और समाजहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसके सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।


विशिष्ट अतिथि भागवताचार्य स्वामी परमानंद महाराज ने संगठन के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए समाज में सेवा, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों को शॉल ओढ़ाकर, माल्यार्पण कर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन का उद्देश्य सम्राट अशोक के शांति, अहिंसा और सामाजिक न्याय के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने घोषणा की कि संगठन शीघ्र ही 10 हजार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू करेगा, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में डॉ. मनोज शाक्य, रविन्द्र सिंह शाक्य, एडवोकेट भुवनेश शाक्य, एडवोकेट सीमा, चंद्रपाल शाक्य, राहुल अभिमन्यु, विनीता वर्मा, कमलेश शाक्य, रविंद्र शाक्य, अजीत शाक्य (सभासद), ऋषि शाक्य, अजय शाक्य, अमित बौद्ध, प्रतिमा शाक्य, उर्मिला देवी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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