मैनपुरी। किशनी विकासखंड की दर्जनों आशा बहुओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार माह से उनका मानदेय लंबित है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। साथ ही कुछ आशा संगिनियों पर मानदेय जारी कराने के नाम पर आधी धनराशि की मांग करने का भी गंभीर आरोप लगाया। आशा बहुओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।

आशा बहुओं का कहना है कि लगातार चार माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक तंगी की स्थिति पैदा हो गई है। दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है और परिवार का भरण-पोषण प्रभावित हो रहा है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ब्लॉक स्तर पर तैनात कुछ आशा संगिनियां मानदेय जारी कराने के बदले आधी धनराशि की मांग करती हैं। उनका कहना है कि जो आशा बहुएं पैसे देने को तैयार हो जाती हैं, उनका भुगतान करा दिया जाता है, जबकि इंकार करने वालों का मानदेय रोक दिया जाता है। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि संबंधित संगिनियां धनराशि मांगते समय एमओआईसी और बीसीपीएम का नाम लेती हैं, जबकि संबंधित अधिकारियों ने कभी किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की।

जिलाधिकारी ने आशा बहुओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उनके बयान दर्ज कराए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही लंबित मानदेय के भुगतान के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही।

शिकायती पत्र देने वालों में रानी देवी, सरोज, पुष्पा देवी, पुष्पा, कुसमा देवी, अर्चना, ममता देवी, रूबी, अंजुम परवीन, रेनू चौहान, मीरा देवी सहित अन्य आशा बहुएं शामिल रहीं।

आशा बहुओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनका लंबित मानदेय जारी नहीं किया गया और आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।

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