
मैनपुरी। कचहरी रोड स्थित कबीर आश्रम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सत्संग कार्यक्रम का आयोजन आश्रम के महंत अमर साहब की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में योग, आध्यात्मिकता और स्वस्थ जीवन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
सत्संग को संबोधित करते हुए महंत अमर साहब ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाला एक महान विज्ञान है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और आदर्श जीवन का संदेश देने के लिए स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
महंत अमर साहब ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है और जीवन का वास्तविक सुख स्वस्थ तन और मन पर आधारित है। हमारे महापुरुषों और शास्त्रों ने भी “प्रथम सुख निरोगी काया” का संदेश दिया है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि योग मनुष्य को प्रकृति के अनुरूप जीवन जीना सिखाता है तथा सेवा, त्याग और प्रेम की भावना को विकसित करता है। जब व्यक्ति निष्काम और निस्वार्थ भाव से सेवा करता है, तब उसके भीतर त्याग और प्रेम का भाव स्वतः जागृत होता है।
महंत अमर साहब ने बताया कि सेवा, त्याग और प्रेम के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा का समन्वय स्थापित होता है, यही सच्चा योग है। आत्मा के स्तर पर मन और शरीर का एकाकार होना तथा चित्त की वृत्तियों का शांत होकर सत्य में विलीन होना ही योग की वास्तविक अवस्था है।
यह कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। पूरा कार्यक्रम जनपद मैनपुरी में आयोजित किया गया।
